You are here
Home > UPPCS > Negative Marking Se Kaise Bachein

Negative Marking Se Kaise Bachein

Negative Marking, निगेटिव मार्किंग, UPPCS

Negative Marking

Negative Marking in UPPCS

Negative Marking निगेटिव मार्किंग की व्यवस्था का सामना वैसे तो कई परीक्षाओं में होता ही रहता है ।
अभ्यर्थियों से जैसे कि SSC, UPSC आदि लेकिन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग  RO ARO Examination 2017 की परीक्षा जो कि अप्रैल 2018 में संभावित है पहली बार इस व्यवस्था को लागू करने जा रही है ।
Negative Marking, निगेटिव मार्किंग, UPPCS
वैसे तो यह एक बहुत बड़ा सवाल है कि जिस आयोग की कोई भी परीक्षा बिना गलत सवालों के नहीं होतीi वह किस प्रकार Negative Marking की व्यवस्था को उचित ढंग से लागू कर सकेगी इस प्रश्न का उत्तर न तो आप पाठकों के पास है न ही मेरे पास और न ही आयोग के पास । यदि इसका उत्तर कहीं है तो वह भविष्य के गर्भ में है तो इस विषय पर सोचने की कोई आवश्यकता नहीं है समय आने पर स्वत: ही पता लग जाएगा कि यह व्यवस्था सफल होती है या नहीं।
क्या है व्यवस्था
इस बार उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने अपने समीक्षाअधिकारी सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा के विज्ञापन में यह बात कही है कि प्रत्येक गलत प्रश्न को अंकित करने पर एक तिहाई अंकों को काटने की व्यवस्था की जा रही है यदि कोई अभ्यर्थी किसी एक प्रश्न का उत्तर गलत देता है तो उसके एक तिहाई अंकों काट लिए जाएँगे सरल शब्दों में कहें तो तीन गलत प्रश्नों पर एक सही उत्तर भी गलत हो जाएगा और आपका नुकसान 3 प्रश्नों होकर 4 प्रश्नों का होगा।
कैसे बचें निगेटिव मार्किंग से
सबसे पहली बात तो अब अपनी किस्मत पर भरोसा करने की बजाए अपने ज्ञान पर भरोसा करने का समय आ गया है ।
यह ऑप्शन सही लग रहा है टिक लगा देता हूँ यह अभी तक तो ठीक था लेकिन अब ऐसा करना घातक हो सकता है।
तब क्या करें कि निगेटिव मार्किंग का प्रभाव कम से कम पड़े ?
सबसे पहले तो आप प्रश्न पत्र को खोलते ही ऐसे प्रश्न हल करना शुरू कर दीजिए जिनके उत्तर आपको शत् प्रतिशत पता हैं और शंका की कोई संभावना ही नहीं है।

इस विषय पर मैंने आपके अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो बनाई है अधिक जानकारी के लिए आप उसे भी देख सकते हैं ।

 

 

 

यह पोस्ट भी पढ़े 

Print Friendly, PDF & Email
कोचिंग के फायदे और नुकसान

One thought on “Negative Marking Se Kaise Bachein

Leave a Reply

Top
%d bloggers like this: